Wednesday, April 9, 2014

सियार चरित्र

आये थे सियार बैनर लेकर 
कि अब से 
सच बोलेंगे 
सच सुनेंगे 
सच का देंगे साथ
किन्तु, मैं जनता था 
कि ये सभी सियार हैं 
बदलेंगे, 
जब देखेंगे 
शेर ने छोड़ दिया है 
अपना झूठा मांस
तब सभी टूट पड़ेंगे

सियार कुछ भी बोले
परख के लिए एक बार
उन्हें छोड़ देना चाहिए
बारिश में...|

4 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन दिखावे पे ना जाओ अपनी अक्ल लगाओ - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. सच कहा सब रंगे सियार होते हैं य राजनीतिबाज़।

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  3. http://bulletinofblog.blogspot.in/2014/04/blog-post_30.html

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  4. aaj ke shiyar utne murkh nahi rh gye pkka rng lga ke aayenge permanent colour

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