मैंने गुनाह किया
जो अपना दर्द तुमसे साझा किया
अब शर्मिंदा हूँ इस कदर
कोई दवा नहीं
मुझ पर इतराने वाले अब कतराने लगे हैं
हंसाने वाले अब मुझे सताने लगे हैं
बातें अंदर की थीं
अब बाहर आने लगी हैं
जो अपना दर्द तुमसे साझा किया
अब शर्मिंदा हूँ इस कदर
कोई दवा नहीं
मुझ पर इतराने वाले अब कतराने लगे हैं
हंसाने वाले अब मुझे सताने लगे हैं
बातें अंदर की थीं
अब बाहर आने लगी हैं
