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युद्ध की पीड़ा उनसे पूछो ....
. 1. मैं युद्ध का समर्थक नहीं हूं लेकिन युद्ध कहीं हो तो भुखमरी और अन्याय के खिलाफ हो युद्ध हो तो हथियारों का प्रयोग न हो जनांदोलन से...
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. 1. मैं युद्ध का समर्थक नहीं हूं लेकिन युद्ध कहीं हो तो भुखमरी और अन्याय के खिलाफ हो युद्ध हो तो हथियारों का प्रयोग न हो जनांदोलन से...
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किसी को नहीं दिखता जमीन के नीचे उबलते लावा का रंग अब पढ़ते हैं तस्वीर में मेरा चेहरा बढ़ी हुई दाढ़ी और .... कुछ नहीं मने मेरा कवि मर गया है ख...
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हे गुरुवर मैं, एकलव्य की जाति का हूँ सूद्पुत्र हूँ कर्ण की तरह किन्तु ,मैं नही दे सकता अपना अंगूठा न ही बना सकता हूँ आपकी प्रतिमा पर ,...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, सपने हैं ... सपनो का क्या - ब्लॉग बुलेटिन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !
ReplyDeleteशुक्रिया आपका
ReplyDeleteअनवरत जलधारा पड़ने से पत्थर भी पिघल जाते हैं..हर दिल की गहराई में एक ही तो छिपा है
ReplyDeleteशुक्रिया आपका.
Deleteबहुत बढ़िया
ReplyDeleteआभार , सर
Deleteअच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आकर....आपकी रचनाएं पढकर और आपकी भवनाओं से जुडकर....
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