Thursday, April 13, 2017

मेरी प्रेम कहानी तस्वीरों में कैद है

यह लोकतंत्र का वो दौर है मेरे देश में
जब योग सिखाने वाले
व्यापारी को दी जाती है
जनता की कमाई से
सरकारी सुरक्षा 
सत्ता की तारीफ़ करने वाले पत्रकार भी
पा जाते हैं सुरक्षा गार्ड !
सत्ता की जीत पर लडडू  बाँटते पत्रकार
हमने देखे हैं
जबकि पत्रकार को हमेशा
सत्ता के विपक्ष में होना चाहिए !
यहाँ प्रेमियों पर पहरा देने
उन्हें पीटने के लिए
बहुत दल गठित हैं अब
किन्तु
प्रेम की रक्षा के लिए
कोई नहीं है
मैं खबरों से निकल कर
तस्वीर देख रहा हूँ
जिनमें तुम
मेरे कंधे पर सर रख कर
मुस्कुरा रही हो !
मेरी प्रेम कहानी
तस्वीरों में कैद है !

2 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, "विनम्र निवेदन - ब्लॉग बुलेटिन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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