Saturday, May 5, 2018

मुझे सपने में देखना

जब तक
मैं लौटा
गहरी नींद आ चुकी थी तुम्हें
तुम्हारे दिये 
जंगली फूल की मीठी खुशबू से
भर गया था मेरा कमरा
तुम्हारी नींद में
कोई ख़लल न पड़े
इसलिए
बड़ी सावधानी से प्रवेश किया
तुम्हारे सपनों की दुनिया में 

आज तुम
मुझे
अपने सपने में देखना |
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6 मई 2016 

4 comments:

  1. वाह, बहुत सुंदर

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  2. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, विश्व हास्य दिवस, फरिश्ता और डी जे वाले बाबू “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  3. बहुत खूब ...
    सपनों में परवाज़ ...

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यही मैं ही इस सभ्यता के पतन का कारण बनेगा

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