Tuesday, February 1, 2011

यह है दुर्भाग्य कि---

राहुल आये संगमा आई
सुले आई
खाली टोकरा सर पर उठाकर
गावं में जाकर रात बीताये
भारत के यह नए भाग्य बिधाता
सुबह उठ कर फोटो खिचाये
युवराज बनकर घुमते हैं
गाड़ी का धुआं छोड़ते हैं
 देश के नए भाग्य  विधाता
देश का भ्रमण सिर्फ करते हैं
यह है दुर्भाग्य कि----
लोग इन्हें देखने को मरते हैं 

4 comments:

  1. बहुत सुंदर रचना .
    आज पहली बार आपके ब्लॉग पर आया ,आकर बहुत अच्छा लगा .कभी समय मिले तो //shiva12877.blogspot.com ब्लॉग पर भी अपने एक नज़र डालें . धन्यवाद .

    ReplyDelete
  2. आज के नेता देश का
    मात्र 'भ्रमण' ही करते हैं
    और हम 'भ्रम' में ही रह जातें हैं...

    राजनैतिक
    एवं
    सामाजिक पतन की
    चरम पराकाष्ठा
    की तरफ तेजी से
    अग्रसर है भारत...

    ReplyDelete
  3. बहुत सुंदर रचना| धन्यवाद|

    ReplyDelete
  4. धन्यवाद आप सभी का

    ReplyDelete

गवाही कौन दें

हत्या हर बार तलवार या बंदूक से नहीं होती हथियारों से जिस्म का खून होता है भावनाओं का क़त्ल फ़रेब से किया जाता है  और पशु फ़रेबी नहीं होता जान...