Friday, May 11, 2012

विनम्र होने पर अपने भी चीर देते हैं सीना .....

गंगा अभी
शांत है,
किन्तु गर्म है
धूप से |
नावे थके हुए
 मजदूरों की तरह
किनारे पर पड़ी हैं |

तापमान गिरने के साथ
गंगा की छाती पर
फिर करेंगे
ये सभी जलक्रीड़ा|

विनम्र होने पर
अपने भी चीर देते हैं सीना .....

 

2 comments:

  1. विनम्र होने पर
    अपने भी चीर देते हैं सीना .....

    ....बहुत गहन और सुन्दर प्रस्तुति...

    ReplyDelete
  2. अपने ही चीरते हैं सीना

    ReplyDelete

हर बेवक्त और गैरज़रूरी मौत को देशहित में जोड़ दिया जायेगा !

मनपसंद सरकार पाने के बाद जिस तरह चढ़ता है सेंसेक्स ठीक उसी दर बढ़ रही हैं हत्याएं इस मुल्क में ! यह आधुनिक विज्ञान का युग है जब हम टीवी प...