Sunday, January 14, 2018

रात नाटक पढ़ते हुए

रात नाटक पढ़ते हुए 
मैंने शराब पी
नाटक की नायिका से
अपने प्रेम का इजहार किया |

आज
मैं, 

नाटक से बाहर हूँ ...!


रचनाकाल : जुलाई 2015 

No comments:

Post a Comment

बहुत साधारण हूँ

जी , मैं नहीं हूँ किसी बड़े अख़बार का संपादक न ही कोई बड़ा कवि हूँ बहुत साधारण हूँ और बहुत खुश हूँ आईना रोज देखता हूँ ... कविता के नाम पर अ...