Friday, October 2, 2015

ऐसे समय में जब प्रेम सबसे बड़ा अपराध घोषित हो चुका है

यह हमारे दौर का 
सबसे खूंखार समय है
हत्या बहुत मामूली घटना है इनदिनों
ऐसे समय में
जब प्रेम सबसे बड़ा अपराध घोषित हो चुका है
मैं बेखौफ़ होकर
लिख रहा हूँ
प्रेम कविताएँ
तुम्हारे लिए |


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मैं बदनाम होना चाहता हूँ 
हाँ, मैं बदनाम होना चाहता हूँ
बहुत ज्यादा,जितना अब तक हूँ
उससे भी ज्यादा,
उन गलियों से भी जियादा
जहाँ गुजार देते हैं कई -कई रात 
सभ्य समाज के सभी ठेकेदार
जिनकी आधी रात बीतती हैं
उन्हीं बदनाम गलियों में

और हाँ सुनो -
मुझे शिकायत तुमसे नहीं
खुद से है ||

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