Thursday, October 15, 2015

तुम्हारी व्यथा की कहानी

तुम्हारी व्यथा की कहानी
मैंने रात भर
नदी को सुनाई,
नदी राह बदल कर
मेरी आँखों में
आ गयी ...
-सिर्फ तुम्हारा
एक कवि


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