Monday, February 27, 2012

ख़ामोशी के बचाव में ............

  
उन सभी 
कमजोर लोगों ने
जिम्मेदार ठहराया वक्त को 
अपनी ख़ामोशी के लिए 

उन सभी ने उचित समझा 
मौन रहना 
अपने वक्त के 
हलचलों के विरुद्ध 
मानकर 
कि बड़ा ही बलवान होता है वक्त 

अपनी चुप्पी के पक्ष में 
तर्क दिए अनेक 
और बोलने वालों को 
मुर्ख कहकर संबोधित किया 

3 comments:

  1. सटीक, सुंदर और सार्थक....

    ReplyDelete
    Replies
    1. अपनी चुप्पी के पक्ष में
      तर्क दिए अनेक
      और बोलने वालों को
      मुर्ख कहकर संबोधित किया //
      koi kahta hai... maun... ek yog hai.. sundar post /

      Delete
  2. achchi soch aur kya kahun bhai...thik jaa rahe ho

    ReplyDelete

मेरा देश रोना चाहता है बहुत जोर से चीख़ कर

मान लीजिये कि कभी आप चीख़ कर रोना चाहते हैं किन्तु रो नहीं सकते ! कैसा लगता है तब ? तकलीफ़ होती है न ? मेरा देश रोना चाहता है बहुत जोर से ...