Wednesday, February 29, 2012

पूछे जायेंगे सवाल अतीत से



तुम्हारे अतीत से 
पूछे जायेंगे सवाल 
आज जैसे तुम पूछते हो 

तुम्हारे माथे पर 
उभर आयेंगी 
लज्जा और घबराहट की लकीरें 

जोश में अक्सर 
होश खो जाता है 
तभी लिख जाता है 
एक काला  इतिहास 

वक्त के साथ
 शिथिल हो जाता है
 खून का उबाल  
तब अहसास होता है
  भूल का 
पर बीता हुआ समय
 लौट कर नही आता 
और मुमकिन नही अब 
अशोक महान बनना 
सिर्फ खुद पर 
शर्मिंदा होना पड़ता है ............


No comments:

Post a Comment

मुझमें सच को सच कहने का साहस बचा हुआ है अब तक

जस्टिस लोया की मौत की सनसनी वाली ख़बर को साझा नहीं किया सरकारी सेवा वाले प्रगतिशील और जनपक्षधारी किसी लेखक ने मैंने किया है ! इसका म...