Monday, December 11, 2017

दिल्ली में बारिश और मध्य रात्रि

इस वक्त
जम कर बरस रहा है मेघ
जाने किस गम ने उसे सताया है
वह किस दर्द में चीख़ रहा है ?

गौर से सुनो
वो हमारी कहानी सुना रहा है |


No comments:

Post a Comment

बहुत साधारण हूँ

जी , मैं नहीं हूँ किसी बड़े अख़बार का संपादक न ही कोई बड़ा कवि हूँ बहुत साधारण हूँ और बहुत खुश हूँ आईना रोज देखता हूँ ... कविता के नाम पर अ...