Tuesday, August 21, 2012

बड़ा ही भयंकर था गोधरा का सच

बड़ा ही भयंकर था 
गोधरा का सच 
पीढ़ी दर पीढ़ी 
सपनों में आकर डराता रहेगा हमें 
भूल न सकेंगे हम चाहकर भी 
भय के कण -कण में
समाया हुआ है गुजरात

पर ,मैं भूला नही हूँ
सैंतालीस ,पचहतर, चौरासी और हाल ही के
असम और मुंबई  को भी

मैं रखता हूँ इन सब को 
गोधरा के साथ
तुम सबकी सहमती
और असहमती के बाद ...

2 comments:

  1. पर ,मैं भूला नही हूँ
    सैंतालीस ,पचहतर, चौरासी और हाल ही के
    असम और मुंबई को भी

    मैं रखता हूँ इन सब को
    गोधरा के साथ
    तुम सबकी सहमती
    और असहमती के बाद ...
    ये याद रखना ही सबसे बड़ी बात है ...... कविता इतिहास का आखिरी ड्राफ्ट होती है ...आपको बधाई

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  2. स्तब्ध कर गई आपकी रचना ...

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