Saturday, February 25, 2017

तुम्हारा कवि

1.
कब तक लगाते रहोगे
अपनी तस्वीर दीवार पर ?
कभी आईना से भी
कुछ पूछ लेते 
तो अच्छा होता
-तुम्हारा कवि

2.
तुम्हारे संघर्ष की कहानी में
छिपी हुई है
मेरी नई कविता
करीब आओ तो
पढ़ सकता हूँ उसे 
मैं तुम्हारी आखों में।

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