Tuesday, June 19, 2012

तुम बहुत याद आये ....

पतझड़ के मौसम में ,
तुम, बहुत याद आये 
मैं शराबी हूँ, तुम्हे याद है ?
देखो लोग  झूमते हैं पीकर
मैं झूमता हूँ 
तुम्हे सोचकर ..

2 comments:

  1. मोहब्बत का नशा है...सर चढ कर बोलता है....

    ReplyDelete
    Replies
    1. सही कहा आपने , शुक्रिया

      Delete

हर बेवक्त और गैरज़रूरी मौत को देशहित में जोड़ दिया जायेगा !

मनपसंद सरकार पाने के बाद जिस तरह चढ़ता है सेंसेक्स ठीक उसी दर बढ़ रही हैं हत्याएं इस मुल्क में ! यह आधुनिक विज्ञान का युग है जब हम टीवी प...