Thursday, June 7, 2012

चाँद की बेचैनी ......

जल दर्पण में 
देखा चाँद को 
एक दम शांत 
लहरों ने किया विचलित रह -रह कर 
पानी को मालूम था 
चाँद की बेचैनी ......

4 comments:

  1. खूबसूरत..............
    बेहद खूबसूरत........................

    अनु

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर रचना!

    ReplyDelete
    Replies
    1. शुक्रिया संजय जी

      Delete

हर बेवक्त और गैरज़रूरी मौत को देशहित में जोड़ दिया जायेगा !

मनपसंद सरकार पाने के बाद जिस तरह चढ़ता है सेंसेक्स ठीक उसी दर बढ़ रही हैं हत्याएं इस मुल्क में ! यह आधुनिक विज्ञान का युग है जब हम टीवी प...