Monday, July 14, 2014

मैं रोना नही चाहता

मैं रोना नही चाहता किसी के लिए
न फिलिस्तीनी बच्चों के लिए
न ही देश के किसानो के लिए
और न ही उन प्रेमी जोड़ियों के लिए
जिन्हें खाप पंचायतों ने दी है
सजाए मौत ,

प्रेम करने की जुर्म में 
मैं लड़ना चाहता हूँ
उनके लिए।

इन्सान नमक हराम होता है!

  नमक तो नमक ही है नमक सागर में भी है और इंसानी देह में भी लेकिन, इंसानी देह और समंदर के नमक में फ़र्क होता है! और मैंने तुम्हारी देह का नमक...