Friday, August 26, 2011

मेरी बातें ....


बस तुम से 
तुम तक 
रहे मेरी बातें
जब कभी तुम्हें याद आये 
वो चांदनी रातें 
ठीक मेरी तरह 
हमेशा सुरक्षा का एक घेरा चाहती हैं 
मेरी बातें ....

2 comments:

'भाग्य-विधाता' तस्वीर में मुस्कुरा रहे हैं

  बहुत अजीब सी ख़ामोशी है जबकि आतंक लगातार तांडव कर रहा है हमारे आसपास इसे भय कहा जाए या बेशर्मी ! मेरे कमरे से संविधान नामक पुस्तक गायब है ज...