तुम्हारे वादों पर
भरोसा नही
खुद को खोज रहा हूं भीतर
हो गया अहसास जिस दिन
मेरे होने का
मेरे दोस्त
मैं आलिंगन करूँगा तुम्हारा .
डरा हुआ व्यक्ति प्रेम नहीं कर सकता मैं बहुत डरपोक हो गया हूं तुमसे मिलने के बाद तुम्हे जान लेने के बाद ! जबकि जानता हूं मैं डरपोक नहीं हूं...
achi abhivyakti......sunder rachna
ReplyDeleteVery well written sir:-):-)
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