Tuesday, March 7, 2017

निर्णायक समय पर पक्ष का साफ़ होना जरुरी है

पुरस्कार, चर्चा और नाम के लिए
जीने -मरने वाले
लोगों को
पहचानते हैं आप ?
वो उधर भी हैं
इधर भी !
मतलब
वे, वक्त के हिसाब से
बदलते हैं अपना रंग |
वे खूब जानते हैं
गलत -सही
सच -झूठ
पर अच्छे बने रहना चाहते हैं
दोनों ओर
ऐसे लोगों का पक्ष निर्धारित नहीं
और मुझे लगता है
निर्णायक समय पर
पक्ष का साफ़ होना जरुरी है
वो,
जो दोनों ओर है समान रूप में
वो मेरी ओर नहीं है
उनकी चाल मैं समझ चुका हूँ |

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