ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, सपने हैं ... सपनो का क्या - ब्लॉग बुलेटिन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !
शुक्रिया आपका
अनवरत जलधारा पड़ने से पत्थर भी पिघल जाते हैं..हर दिल की गहराई में एक ही तो छिपा है
शुक्रिया आपका.
बहुत बढ़िया
आभार , सर
अच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आकर....आपकी रचनाएं पढकर और आपकी भवनाओं से जुडकर....
. 1. मैं युद्ध का समर्थक नहीं हूं लेकिन युद्ध कहीं हो तो भुखमरी और अन्याय के खिलाफ हो युद्ध हो तो हथियारों का प्रयोग न हो जनांदोलन से...
ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, सपने हैं ... सपनो का क्या - ब्लॉग बुलेटिन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !
ReplyDeleteशुक्रिया आपका
ReplyDeleteअनवरत जलधारा पड़ने से पत्थर भी पिघल जाते हैं..हर दिल की गहराई में एक ही तो छिपा है
ReplyDeleteशुक्रिया आपका.
Deleteबहुत बढ़िया
ReplyDeleteआभार , सर
Deleteअच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आकर....आपकी रचनाएं पढकर और आपकी भवनाओं से जुडकर....
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