Monday, September 17, 2018

यही मैं ही इस सभ्यता के पतन का कारण बनेगा

मानव सभ्यता के सबसे क्रूर समय में जी रहे हैं हम हमारा व्यवहार और हमारी भाषा हद से ज्यादा असभ्य और हिंसात्मक हो चुकी है व्यक्ति पर हावी हो चुका है उसका मैं इस मैं पर हमारा कोई बस नहीं है मेरा मैं गालियां बकने लगा है हत्या करता है फिर भी शर्मिंदा नहीं होता किसी अपराध पर मैं शर्मिंदा होना चाहता हूँ हर अपराध के बाद किन्तु मेरे मैं का अहंकार इतना मगरूर हो चुका है कि अपराध का अहसास होने पर भी वह शर्मिंदा नहीं हो पाता और तब भी बड़ी बेशर्मी के साथ खुद को मनुष्य बताते हैं हम इसी मैं ने ही आपसी रिश्तों को शर्मसार किया है यही मैं ही इस सभ्यता के पतन का कारण बनेगा

4 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन कुंवर नारायण और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  2. सार्थक रचना

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  3. Read all the latest crime news (क्राइम न्यूज़) headlines and stories in hindi on criminal cases, rape, assaults, murders, missing person cases, daily crime & justice only on MNewsindia. Crime News Samachar in Hindi | क्राइम अपराध और जुर्म के समाचार

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