हाथी का चित्र
पिछले शनिवार
दो बच्चे आये मेरे कमरे पर
उन्होंने बनाये चित्र
तीन हाथियों का
माँ हाथी और उसके दो बच्चे .
मैंने पूछ लिया
हाथी ही किउन ?
जवाब आया
मेरे बच्चों के लिए
कहा ...
जब मेरे बच्चे होंगे
तब हाथी नहीं होंगे शायद जंगल में
किउंकि जंगल नहीं बचेगा तब
सिर्फ आदमी ही आदमी होंगे
फिर बनाया उन्होंने हरी- हरी घांस
जिस पर हाथी चल रहे थे .
मैंने कहा ....
वाह-रे नन्हे चित्रकार
तुम्हारी सोच को नमन .
Friday, February 19, 2010
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
युद्ध की पीड़ा उनसे पूछो ....
. 1. मैं युद्ध का समर्थक नहीं हूं लेकिन युद्ध कहीं हो तो भुखमरी और अन्याय के खिलाफ हो युद्ध हो तो हथियारों का प्रयोग न हो जनांदोलन से...
-
. 1. मैं युद्ध का समर्थक नहीं हूं लेकिन युद्ध कहीं हो तो भुखमरी और अन्याय के खिलाफ हो युद्ध हो तो हथियारों का प्रयोग न हो जनांदोलन से...
-
सपनों का क्या है उन्हें तो बनना और बिखरना है मेरी फ़िक्र इंसानों की है | कहीं तो बची रहे आँखों में इक बूंद इंसानियत तब हम बचा लेंगे इस धरती...
-
गाँधी ने पहनी नहीं कभी कोई टोपी फिर उनके नाम पर वे पहना रहे हैं टोपी छाप कर नोटों पर जता रहे अहसान जैसे आये थे बापू इस देश मे...
badhiya...
ReplyDelete