Thursday, August 3, 2017

तुम मेरा महाकाव्य हो

मैं एक हारा हुआ व्यक्ति हूँ 
इसलिए तुम्हें खोने से डरता हूँ 
तुमने जब 
मुझे 'कवि' कह कर संबोधित किया 
मैंने खुद को तुम्हारा कवि कहा 
तुम्हें छूना चाहता हूँ
पर,
तुम्हारी नाजुकता से डरता हूँ
तुम मेरा महाकाव्य हो |


रचनाकाल : 4 अगस्त 2016 (posted on facebook )

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