ज़ार मर गया
मर गया हिटलर भी
वो भी गया
और ये भी जायेगा ..
इक़लाब जारी रहेगा ..
अमन के आने तक
ऐ मेरी अधूरी कविता
तुझे पूरा करूँगा
इन्कलाब के बाद
जब सुकून मिलेगा
मेरी रूह को .....
ज़ार मर गया मर गया हिटलर भी वो भी गया और ये भी जायेगा .. इक़लाब जारी रहेगा .. अमन के आने तक ऐ मेरी अधूरी कविता तुझे पूरा करूँगा इन्कलाब के ...
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