Tuesday, October 27, 2026

ऐ मेरी अधूरी कविता

 ज़ार मर गया

मर गया हिटलर भी
वो भी गया
और ये भी जायेगा ..
इक़लाब जारी रहेगा ..
अमन के आने तक
ऐ मेरी अधूरी कविता
तुझे पूरा करूँगा
इन्कलाब के बाद
जब सुकून मिलेगा
मेरी रूह को .....

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ऐ मेरी अधूरी कविता

  ज़ार मर गया मर गया हिटलर भी वो भी गया और ये भी जायेगा .. इक़लाब जारी रहेगा .. अमन के आने तक ऐ मेरी अधूरी कविता तुझे पूरा करूँगा इन्कलाब के ...