एक नन्हा बालक
मिच- मिच कर हँसता है
मुझे देखकर छुपता है
फिर निकल आता है
और ठहाका लगता है
और उसे देखना
मुझे अच्छा लगता है .
उसके माता - पिता जब
उसे डांटते-
उदास चेहरा बना लेता है
मेरे पंहुचने पर मुझसे लिपट जाता है
उसका चेहरा देख
मेरा मन उदास हो जाता है
उसे हँसते देख मुझमें
नई ऊर्जा का सृजन होता है .
bachhe hi achhe thee :)
ReplyDeleteaisa lagta hai jaise main khud ko dhekh raha hoon .............
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